Tuesday, September 28, 2010
अययोध्या
पिछले ३,४ दिनों से देश में बाबरी मस्जिद के फैसले के बाबत गरमा गर्म बहस छिड़ी है की कोर्ट का क्या फैसला होगा। में अगर जज होता तो इस विवादिद जगह पर एक सुन्दर सा बगीचा बनवादेता या एक हॉस्पिटल जो हिन्दू, मुस्लमान सभी के इस्तेमाल में आता । जन्हाँ तक दोनों समुदाय की आस्था का सवाल है तो दोनों समुदायों को विवादिद स्थान से कुछ दुरी पर बराबर ,साइज़ की जमीन देदेता ताकि दोनों समुदाय अपनी पसंद का मंदिर और मस्जिद बनवालें। जमीन भी दोनों के इतने नजदीक देता की दोनों समुदाय अरदास और पूजा करते समय नमाज की अजान और पूजा के घंटे की आवाज सुन सके । अय्योद्या कोई मुद्दा ही नहीं है ये सिर्फ वोट के लिए दोनों समुदायों की आस्था को भुनाया जा रहा है हम हिन्दू या मुसलमान बाद में हैं पहले हिन्दुस्तानी हैं ये massege लोगों में जाना चाहिए ।
Sunday, September 26, 2010
system जुगाड़ और चलताहे
इस देश में अवय्व्सथा के प्रति उदासीन नजरिया इसकी प्रगति में सबसे बड़ा रोड़ा है। जन सामान्य में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता का अभावऔर कस्ट झेलने की प्रवर्ती ने इस सुन्दर देश को दुनिया का सिरमौर नहीं बनने दिया। कारन हर कमी को चलता है के मुहावरे ने नजरंदाज कर दिया। हर काम को नियमानुसार करने की बजाय जुगाड़ से करवाने में ज्यादा दिलचस्पी लेना भी इसकी तर्रकीमें बाधक बनी हुई है । इस प्रवर्ती से निजात पाना होगा । जितना पैसा केंद्र सरकार पिछले पाँचसालों से infrastructure andrural devlupmentपर खर्च कर रही है यदि यह पूरा पैसा सही हाथों के द्वारा खर्च होता तो देश का नक्शाकुछ अलग ही होता पर गलत हाथों में पैसा जाता रहा लोग देखते रहे औरसब ये कह कर की सब चलता है taxpaiyer का पैसा बर्बाद होता रहा और हो रहा है । बिना काम किये जुगाड़ लगा कर बिल पास करवालेते हैं कोई पूछने वाला नहीं । किसी ने सही ही कहा है इस देश का भगवन ही मालिक है।
Monday, August 9, 2010
युवा पीढ़ी भारत का भविष्य
जंहाँ तक में सोचता हूँ अमरीकाऔर यूरोप की तरक्की रुक गई है उन्हें जितनी तरक्की करनी थी वो हो चुकी अब तो वो इसे सम्भालकेरख लें यही काफी होगा। अब जो कुछ प्रगति होना है तो भारत ओर चाइना में होना है। तब क्यों न भारत का यूवा इस मोके का फायदा उठाये ओर नए अनुसन्धान में ध्यान लगा कर नए आविस्कर करे तथा अपने देश को यूरोप के बराबर ला कर खड़ा करे। देश की राजनीती में भाग ले कर भ्रष्ट तंत्र को तोड़ने का प्रयास करे । इस देश का ६०% पैसा राजनेतावों ओर अधिकारीयों की जेब में चला जाता है तब विकास कंहाँ दिखेगा, मुझे तो पूरा भरोसा है की इस देश का यूवा जिसने अच्छे इंस्टिट्यूट से पढाई की है वह भ्रष्ट नहीं हो सकता
Wednesday, July 21, 2010
बिहार विधानसभा में गुंडागर्दी
आज बिहार विधानसभा के अन्दर और बाहर जो राज्नेतावोंने आचरण का प्रदर्शन किया है वह लोकतंत्र के लिए कितना खतरनाक है इसको नजरअन्दाज नहीं करना चाहिए ये देश की प्रजातान्त्रिक प्रणालीके लिए खतरा है। ऐसे नेतावों को पार्टियों से निकल बाहर करके गुंडा एक्ट में जेल में बंद करना चाहिए तब तक बाहर नहीं निकलना चाहिए जब तक ये आमसभा बुला कर माफी न मांगे। ऐसे लोगों को कभी भी टिकट न दिया जाये ओर इनका सामाजिक बहिस्कार कर देना चाहिए तभी इस देश के नेताओं को लोकतंत्र की परिभाषा का बोध होगा।
Monday, July 19, 2010
आचरण
आज में एक लोकल समाचार पत्र पढ़ रहा था की डेनमार्क को दुनिया का सबसे खुशहाल देश घोषित किया है। कारन जान कर अचरज हुवा की इस देश के लोगों में पैसे के पीछे भागने की प्रवर्ती नहीं है। जितना मिलता है उससे संतोष है। इनका कहना है की सुख पैसे से ख़रीदा जा सकता है परन्तु खुसी नहीं खरीदी जा सकती । ५५लाख की जनसँख्या का देस ४४हजार किलोमीटर का एरिया जिसके नागरिक कमाईपर ७२% कर देते हों कारों पर १८०%कर देते हों रेजिस्त्रशन का ,ओर २५%वैट टैक्स देते हों फिर भी खुशहालजिन्दगी जीते हों हमें इनका अनुसरण करना चाहिए
Monday, July 12, 2010
वयवस्था
पिछले ३,४ दिनों से न्यूज़ चेनल परजो दिखाया जा रहा है अगर वह सत्य है तो सही में वयवस्था में भारी कमी है। सब्जियों में मिलावट दूध में मिलावट घी और तेल में मिलावट आखिर लोगों को शुद्ध खाना भी नसीब नहीं। आखिर इस देश का आचरण कंहाऔर कितना गिर गया,रातों रात रहीस बननेकी ललक ने इतना क्यों गिरा दिया प्रशासन क्या कर रहा है अगर कोई मेरे इस ब्लॉग को पड रहा है तो जागेऔर आवाज उठाये और वयवस्था को बदलने में सहयोग करे। ये जवाबदारी खाली सरकार की नहीं है इसमें हम सब की जवाबदेही है आखिर यह देश हमारा है जनता हमारी है फिर ऐसा कुकृत्य क्योंदेश का बुद्धिजीवी वर्ग देख रहा और चुप आखिर क्यों?
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